
mp chhindwara balaghat chhapa मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने एक और बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है। बालाघाट में पदस्थ लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer – EE) कमल किशोर सिंगारे के ठिकानों पर EOW की टीमों ने एक साथ तड़के दबिश दी। प्राथमिक जांच और छापेमारी में अब तक करीब 11 करोड़ रुपये की बेहिसाब चल-अचल संपत्ति का आकलन सामने आया है, जो उनकी ज्ञात वैध आय की तुलना में करीब 200 गुना अधिक बताई जा रही है।
तीन शहरों के परिसरों पर एक साथ पड़ा छापा
EOW के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की पुख्ता शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद EOW की तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। mp chhindwara balaghat chhapa इन टीमों ने आज सुबह एक साथ तीन शहरों—बालाघाट स्थित सरकारी आवास, छिंदवाड़ा और राजधानी भोपाल स्थित उनके निजी परिसरों पर एक साथ सर्जिकल स्ट्राइक (छापेमारी) की। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया।
छिंदवाड़ा में मिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फार्महाउस और मकान
EOW की जांच में सबसे ज़्यादा काली कमाई के सबूत छिंदवाड़ा में मिले हैं। सिंगारे के छिंदवाड़ा स्थित ठिकानों से बेशकीमती जमीनों के दस्तावेज़, आलीशान मकान, एक बड़ा कमर्शियल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फार्महाउस, भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, महंगी गाड़ियाँ और आधुनिक कृषि उपकरण बरामद किए गए हैं। mp chhindwara balaghat chhapa वहीं, बालाघाट स्थित उनके शासकीय आवास की तलाशी के दौरान करीब 2.5 लाख रुपये नकद और 25 लाख रुपये की लग्जरी गाड़ी जब्त की गई है।
ठेकेदारों से बिल पास कराने के बदले मांगते थे कमीशन
EOW के अधिकारियों ने खुलासा किया है कि कमल किशोर सिंगारे के खिलाफ केवल अवैध संपत्ति ही नहीं, बल्कि PWD के ठेकेदारों से उनके वैध बिलों के भुगतान के बदले मोटी कमीशन (रिश्वत) मांगने की भी गंभीर शिकायतें लगातार मिल रही थीं। EOW की टीम द्वारा इन शिकायतों का भौतिक सत्यापन करने के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया।
संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के मुताबिक, तलाशी और दस्तावेजों को खंगालने की कार्रवाई अभी भी जारी है। आरोपी अधिकारी के बैंक लॉकरों, बीमा पॉलिसियों और अन्य बेनामी निवेशों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच और मूल्यांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद इस काली कमाई और बेहिसाब संपत्ति का अंतिम आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।






