
ब्यूरो रिपोर्ट
- 14 फरवरी को विद्यालयों में मनाया जाए मातृ-पितृ पूजन दिवस
- श्री योग वेदांत सेवा समिति ने कलेक्टर को दिया आवेदन
- युवाओं से वेलेंटाइन डे नहीं मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने का आग्रह
बैतूल। श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिले के समस्त शासकीय विद्यालयों व महाविद्यालयों में माता-पिता व गुरूजनों के प्रति आदर भाव जगाने एवं भावी युवा पीढ़ी को ओजस्वी, तेजस्वी, संयमी व सुसंस्कारी बनाने के पवित्र उद्देश्य से 14 फरवरी को संत श्री आशारामजी बापू द्वारा प्रेरित मातृ-पितृ पूजन दिवस के अयोजन की अनुमति प्रदाय करने हेतु बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी से सौजन्य भेंटकर आवेदन सौंपा गया। समिति के संरक्षक राजेश मदान ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी पाश्चात्य कुसंस्कृति के प्रभाव में आकर अपने माता पिता का अपमान कर उन्हें प्रताड़ित करके वृद्धाश्रम भेज रही थी।
जिससे व्यथित होकर पूज्य संत श्री आशारामजी बापू द्वारा 2007 से मातृ पितृ पूजन दिवस की शुरुआत की गई जो वर्तमान में विश्व व्यापी अभियान बन चुका है। विद्यालयों में इस कार्यक्रम के आयोजन से विद्यार्थियों में उनके माता-पिता के साथ स्नेहमय सामंजस्य और आदर भाव जाग्रत होगा। जिससे समाज में सुसंस्कारों के साथ संयुक्त परिवार प्रणाली का पुनरागमन होगा। इसे देखते हुए कलेक्टर से विद्यालयों में आयोजन की अनुमति मांगी गई है। श्री मदान ने कहा कि 14 फरवरी को मुख्य आयोजन भारत भारती आवासीय विद्यालय में प्रातः 10 बजे से आयोजित होगा।

समिति द्वारा जिले की अन्य सामाजिक संस्थाओं व युवाओं से भी अपील की गई है कि वे भी माता-पिता के सम्मान में 14 फरवरी को अपने अपने घरों एवं सार्वजनिक स्थलों में मातृ-पितृ पूजन दिवस के कार्यक्रम आयोजित कर माता पिता का सम्मान कर उनका शुभ आशीष प्राप्त करें। इस आयोजन से निर्मित होने वाले संयुक्त परिवार द्वारा प्रदान की जाने वाली संरचनात्मक सहायता चिंता व अवसाद जैसे चुनौतियों से निपटने में भी मदद कर सकती है।




