
ब्यूरो रिपोर्ट
देश में आदिवासी समुदाय के सामने मौजूद गंभीर और मूलभूत मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। नागपुर में आयोजित इस बैठक में आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और देश भर के विभिन्न राज्यों के नेता एक साथ आए और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों, वन अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, साथ ही जल-वन-भूमि से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की।
इस बैठक में बिरसा ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय ,सतीश दादा पेंदाम, राजस्थान के वरिष्ठ आदिवासी परिवार संस्थापक सदस्य आदरणीय,भंवरलाल परमार दादा, मप्र के सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, मध्य प्रदेश से बिरसा ब्रिगेड प्रमुख मार्गदर्शन आदरणीय सम्मानित जाधवदादा, साथ ही गुजरात, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और राजस्थान राज्यों के सहयोगी उपस्थित थे।

देश में आदिवासी समुदाय के लंबित मुद्दों पर अपना ठोस रुख प्रस्तुत किया। आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता पर बल देते हुए, जल्द ही एक राष्ट्रीय आदिवासी संसद आयोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
यह बैठक आदिवासी समुदाय के न्यायसंगत अधिकारों, पहचान और संवैधानिक संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त मंच तैयार करने में निर्णायक साबित हुई। सभी प्रतिनिधियों ने आने वाले दिनों में राष्ट्रव्यापी जागरूकता और संगठन को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।




