
वरिष्ठ अधिवक्ता भारत सेन
नई दिल्ली |
डिजिटल बैंकिंग के दौर में चेक धोखाधड़ी (Cheque Fraud) को जड़ से खत्म करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ‘पॉजिटिव पे सिस्टम’ (Positive Pay System – PPS) को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह सिस्टम न केवल आपके बैंक खाते को सुरक्षित रखता है, बल्कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act), 1881 के तहत होने वाली कानूनी कार्यवाहियों में भी एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है।
क्या है यह नया नियम?
पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत, जब कोई खाताधारक ₹50,000 या उससे अधिक का चेक जारी करता है, तो उसे चेक की जानकारी (जैसे चेक नंबर, राशि, तारीख और लाभार्थी का नाम) अपने बैंक को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (मोबाइल ऐप, नेट बैंकिंग या SMS) से दोबारा देनी होती है। जब वह चेक क्लियरिंग के लिए बैंक पहुंचता है, तो बैंक आपके द्वारा पहले दी गई जानकारी का मिलान करता है। विवरण न मिलने पर चेक को रिजेक्ट किया जा सकता है।
कानूनी पेच: NI Act और आपकी सुरक्षा
विशेषज्ञों के अनुसार, PPS का पालन न करना खाताधारकों के लिए कानूनी मुसीबत बन सकता है:
विवाद का अधिकार खोना: आरबीआई के स्पष्ट निर्देश हैं कि ₹50,000 से अधिक के जिन चेक का विवरण PPS के माध्यम से साझा नहीं किया गया है, उनके साथ धोखाधड़ी होने पर ग्राहक CTS (Cheque Truncation System) के तहत ‘विवाद निवारण तंत्र’ (Dispute Resolution Mechanism) का लाभ नहीं उठा पाएंगे। यानी, अगर आपके खाते से गलत भुगतान होता है, तो बैंक की जिम्मेदारी सीमित हो जाएगी।
धारा 138 के तहत प्रभाव: यदि बैंक PPS विवरण न मिलने के कारण चेक वापस (Return) कर देता है, तो उस पर ‘Advice not received’ की मोहर लगती है। हालांकि यह तकनीकी तौर पर चेक बाउंस (Insufficient Funds) नहीं है, लेकिन यदि इसके पीछे लेनदार को परेशान करने की मंशा है, तो यह कानूनी विवाद का कारण बन सकता है।
न्यायालय में साक्ष्य: नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत मुकदमों में, PPS के जरिए बैंक को भेजी गई सूचना एक मजबूत ‘इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य’ के रूप में काम करती है। यह साबित करना आसान हो जाता है कि चेक किस राशि और किस व्यक्ति के लिए जारी किया गया था।
बैंकों की नई सीमाएं
वर्तमान में, अधिकांश बैंकों ने नियम कड़े कर दिए हैं:
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): ₹50,000 से ऊपर के चेक के लिए PPS की सुविधा दे रहा है। SBI PPS Details
पंजाब नेशनल बैंक (PNB): ₹5 लाख और उससे अधिक के चेक के लिए विवरण साझा करना अनिवार्य कर दिया है। PNB PPS Rules
बैंक ऑफ इंडिया (BOI): बड़ी राशि के लेनदेन के लिए इस सिस्टम को अनिवार्य बनाया गया है ताकि जालसाजी रोकी जा सके। BOI PPS Update
ग्राहक क्या करें?
बैंकर्स की सलाह है कि जब भी आप ₹50,000 से अधिक का चेक काटें, तो तुरंत अपने बैंक के ऐप या इंटरनेट बैंकिंग पर जाकर ‘Positive Pay’ सेक्शन में चेक की जानकारी दर्ज करें। यह छोटी सी प्रक्रिया आपको लाखों की धोखाधड़ी और लंबी कानूनी लड़ाई से बचा सकती है।





