
कुलदीप साहु
सारनी। बाबा मठारदेव की पवित्र नगरी सारनी में आखिरकार गौ माता 81 दिन बाद न्याय मिल ही गया। 14 जून को महाराजा वार्ड क्रमांक 01 में गाय के छोटे-छोटे बछड़ों को काटकर मांस बेचने के घिनौने मामले ने पूरे शहर को झंझोड़ कर रख दिया था। जिसके बाद आरोपी सुभाष बिंझाड़े द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए लंबे-चौड़े अतिक्रमण को हटाने की मांग लगातार उठ रहीं थी, जिस पर दैनिक मिराज भारत ने लगातार खबरें प्रकाशित कर प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। और आखिरकार 84 दिन बाद प्रशासन को झुकना ही पड़ा।
मूसलाधार बारिश में भी नहीं रुका बुलडोजर – नायब तहसीलदार, सीएमओ खुद रहें मौजूद
गुरुवार शाम 4:30 बजे मूसलाधार बारिश के बीच प्रशासन का अमला जेसीबी लेकर वार्ड क्रमांक 01 पहुंचा। तेज बारिश में नायब तहसीलदार मोहम्मद अजहर खान, मुख्य नगर पालिका अधिकारी हितेश शाक्य खुद मौके पर खड़े होकर अतिक्रमण तुड़वाते रहें। उनके साथ पुलिस विभाग से उप निरीक्षक सुनील गौर, एसआई प्रीति पालेवार और नगर पालिका का पूरा दलबल मौजूद रहा। बरसते पानी में ही आरोपी सुभाष बिंझाड़े द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को धराशाई कर दिया गया और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
बारिश के बाद फिर टूटेंगे दो लंबे-चौड़े अतिक्रमण
प्रशासन ने साफ किया है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और न्यायालयीन दिशा-निर्देशों के अनुसार बारिश के मौसम में रिहायशी मकान पर कार्रवाई नहीं की जाती है, इसलिए बारिश खत्म होते ही आरोपी सुभाष और सरवन के सरकारी भूमि पर बने दो अन्य लंबे-चौड़े रिहायशी अतिक्रमणों को भी जमींदोज किया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद ने उठाया था मामला
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री लल्लन यादव ने बताया कि सुभाष बिंझाड़े द्वारा गौ मांस बेचने की जानकारी कई दिनों से मिल रही थी। निगरानी कर उसे रंगे हाथों पुलिस के माध्यम से पकड़वाया गया था। उसके अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर पालिका से पत्राचार किया गया था, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है।
बता दें कि 14 जून को मठारदेव महाराज वार्ड क्रमांक एक में ढाई माह पहले गाय के बछड़े की हत्या कर मांस बेचने के आरोप में पुलिस ने सुभाष बिंझाड़े को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया था।
इनका कहना हैं
सुभाष बिंझाड़े द्वारा सरकारी जमीन के काफी बड़े हिस्से पर अवैध कब्जा किया गया था। विधिवत कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण स्थल को पूरी तरह खाली कराया गया है।
मोहम्मद अजहर खान नायब तहसीलदार सारनी
आरोपी की जमीन को पटवारी के माध्यम से चिन्हित किया गया, एसडीएम से पत्राचार किया गया और उनके मार्गदर्शन के बाद ही गुरुवार को यह कार्रवाई की गई।



