
सागर शराब कांड को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है, जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सागर के पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग सुजानिया पर रिश्वतखोरी और लापरवाही के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक पत्रकार वार्ता में सीधे तौर पर कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है।
इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
मुरैना से लेकर सागर तक मौतों का कनेक्शन
- पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब SP अनुराग सुजानिया मुरैना में पदस्थ थे, तब भी वहाँ जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत हुई थी।
- अब सागर जिला कमान संभालने के बाद यहाँ भी इसी प्रकार का गंभीर और जानलेवा शराब कांड सामने आया है, जो प्रशासनिक विफलता का बड़ा प्रमाण है।
हर महीने 50 से 60 लाख की वसूली का आरोप
- दिग्विजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुले तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, “मैं खुले तौर पर कह रहा हूं कि सागर का पुलिस अधीक्षक हर महीने 50 से 60 लाख रुपये लेता है।”
- उन्होंने अवैध शराब कारोबारियों और ठेकेदारों के साथ पुलिस की सांठगांठ होने का सीधा दावा किया है।
मानहानि केस करने की खुली चुनौती
- वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा, “अगर हिम्मत है तो मेरे खिलाफ मानहानि का केस करके दिखाएं, मैं कोर्ट में सभी आरोपों को साबित करने के लिए तैयार हूं।”
- इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है।
इस तीखे हमले के बाद प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार और पुलिस-प्रशासन की भूमिका को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और ज्यादा तेज हो गई है।





