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अनुपयोगी एवं खुले नलकूप, बोरवेल, ट्यूबवेल में गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने कलेक्टर ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

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ब्यूरो रिपोर्ट

बैतूल-कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने अनुपयोगी एवं खुले नलकूप, बोरवेल तथा ट्यूबवेल में छोटे बच्चों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए है।
उल्लेखनीय है कि भूमिगत स्रोत से जल प्राप्त करने हेतु नलकूपों का खनन कार्य किया जाता है। नलकूप खनन के दौरान जिन नलकूपों में जल आवक क्षमता प्राप्त नहीं होती है तो खनन ऐजेंसी, ठेकेदार, व्यक्तियों द्वारा उक्त बोरवेल को सुरक्षित किए बिना खुला छोड़ दिया जाता है। ऐसे में कई बार बच्चों के गिरने के समाचार भी प्राप्त हुए है। अनुपयोगी एवं खुले नलकूप, बोरवेल तथा ट्यूबवेल में छोटे बच्चों के गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा सुरक्षा उपाय तथा गाइडलाइन जारी की गई है।
जिले में नलकूपों की मॉनिटरिंग हेतु नलकूपों, नलकूप खनन करने वाली एजेंसी, मशीन तथा नलकूप खनन कराने वाले विभाग/संस्थाओं/व्यक्तियों की जानकारी को ट्रैक करने हेतु पोर्टल का निर्माण एमपीएसईडीसी के माध्यम से कराया जा रहा है। इस पोर्टल पर नलकूप खनन मशीन, खनन एजेंसी को पंजीयन कराना आवश्यक होगा तथा इस पोर्टल पर नलकूप खननकर्ता/एजेंसी द्वारा नलकूप खनन संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी। पोर्टल का अनुश्रवण एवं उपयोग जिला कलेक्टर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा किया जाएगा। नगरीय निकायों तथा जिला, जनपद, ग्राम पंचायतों को नलकूप खनन से संबंधित जानकारी का पोर्टल पर नियमित अनुश्रवण करना होगा।
नलकूप खनन की सूचना पोर्टल पर प्राप्त होने पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खनन उपरांत संबंधित व्यक्ति/संस्था/विभाग द्वारा नलकूप के ऊपर हैंडपंप/सबमर्सिबल पंप स्थापित कर दिया गया है तथा यदि नलकूप में जल आवक क्षमता प्राप्त नहीं होती है या कम प्राप्त होती है तो ऐसी स्थिति में नलकूप की केसिंग में फिक्स कर नलकूप के चारों ओर सीमेंट कंक्रीट ब्लॉक बनाया जाना अनिवार्य है। यदि किन्ही कारणों से नलकूप खुला छोड़ा हुआ होता है तो नलकूप को संबंधित खननकर्ता ऐजेंसी/व्यक्ति द्वारा मिट्टी, रेत, मुरम आदि से जमीन की सतह तक भरने की कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा खनन अवधि के दौरान कार्यस्थल पर सुरक्षा/बैरिकेटिंग करना अनिवार्य होगा ताकि स्थल के आस-पास कोई बच्चा न पहुंच सके।
नगरीय निकायों, जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों से संबंधित जन प्रतिनिधियों, अभियंताओं तथा अन्य शासकीय अमले को नलकूप खनन के पश्चात उसकी सुरक्षा एवं नलकूप के खुले होने की स्थिति में सुरक्षात्मक कार्यवाही के संबंध में समुचित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा ग्राम सभाओं तथा नगरीय निकायों की बैठक में भी इसका प्रचार प्रसार किया किया जाएगा।