
मेरठ/नोएडा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड paschimanchal vidyut vitran nigam limited (PVVNL) ने बिजली विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के संबंध में एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मुख्य अभियंता (मानव संसाधन एवं प्रशासन) मो० समीर द्वारा 18 सितंबर 2026 को जारी किए गए आधिकारिक पत्र संख्या 5223 के अनुसार, विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत कार्यरत सभी कुशल आउटसोर्स कार्मिकों, विशेष रूप से एसएसओ (SSO) और लाइनमैन, का पूरा विवरण तत्काल संविदा पोर्टल पर अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही बरतने वाली संविदा एजेंसियों को सख्त चेतावनी
paschimanchal vidyut vitran nigam limited विभाग की ओर से जारी पत्र में साफ किया गया है कि पूर्व में 5 अगस्त 2026 को जारी निर्देशों के बावजूद अनुबन्धित संविदा एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों का डेटा अपलोड करने में गंभीर लापरवाही बरती गई है, जिससे पोर्टल पर कोई प्रगति नहीं दिखी। इसे गंभीरता से लेते हुए, अब अनुरक्षण और परिचालन कार्य में लगी सभी संविदा एजेंसियों को अंतिम चेतावनी दी गई है कि वे अपने अधीन आने वाले प्रत्येक कुशल आउटसोर्स कर्मचारी का डेटा 05 कार्य दिवसों के भीतर अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज कराएं।
paschimanchal vidyut vitran nigam limited विभाग की ओर से जारी पत्र में साफ किया गया है कि पूर्व में 5 अगस्त 2026 को जारी निर्देशों के बावजूद अनुबन्धित संविदा एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों का डेटा अपलोड करने में गंभीर लापरवाही बरती गई है, जिससे पोर्टल पर कोई प्रगति नहीं दिखी। इसे गंभीरता से लेते हुए, अब अनुरक्षण और परिचालन कार्य में लगी सभी संविदा एजेंसियों को अंतिम चेतावनी दी गई है कि वे अपने अधीन आने वाले प्रत्येक कुशल आउटसोर्स कर्मचारी का डेटा 05 कार्य दिवसों के भीतर अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज कराएं।
ITI और RPL ट्रेनिंग सर्टिफिकेट का विवरण देना होगा अनिवार्य
इस नए डिजिटल डेटा अपग्रेडेशन के तहत केवल बेसिक जानकारी ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की तकनीकी योग्यता की भी कड़ी जांच होगी। सभी संबंधित संविदा एजेंसियों को अपने कर्मचारियों के ITI (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) या RPL (रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग) ट्रेनिंग सर्टिफिकेट का पूरा विवरण पोर्टल पर फीड करना होगा। इसके साथ ही तय प्रारूप में जानकारी तैयार कर विभाग की आधिकारिक ई-मेल आईडी
इस नए डिजिटल डेटा अपग्रेडेशन के तहत केवल बेसिक जानकारी ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की तकनीकी योग्यता की भी कड़ी जांच होगी। सभी संबंधित संविदा एजेंसियों को अपने कर्मचारियों के ITI (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) या RPL (रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग) ट्रेनिंग सर्टिफिकेट का पूरा विवरण पोर्टल पर फीड करना होगा। इसके साथ ही तय प्रारूप में जानकारी तैयार कर विभाग की आधिकारिक ई-मेल आईडी
spo@pvvnl.org पर भी तय समय-सीमा के भीतर भेजनी होगी।निर्धारित प्रारूप में मांगी गई है ये 10 जानकारियां: paschimanchal vidyut vitran nigam limited
- कार्मिक का नाम
- पदनाम (SSO / लाइनमैन)
- यूएएन (UAN) नंबर
- खण्ड का नाम
- बिजलीघर का नाम
- विभाग में नियोजन (जॉइनिंग) की तिथि
- शैक्षणिक योग्यता (ITI / RPL)
- सर्टिफिकेट नंबर
- रोल नंबर
- शैक्षणिक प्रमाण-पत्र सत्यापित है या नहीं
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ज़रूरी सलाह
यह आदेश डिस्कॉम के तहत आने वाले मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, बागपत, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे सभी क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सभी आउटसोर्स कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे अपनी नौकरी की सुरक्षा और विभागीय डेटाबेस में नाम पक्का करने के लिए अपने ITI/RPL प्रमाणपत्र और आवश्यक दस्तावेज तुरंत अपनी संबंधित एजेंसी को सौंपें और यह जरूर सुनिश्चित करें कि उनका विवरण समय पर पोर्टल पर दर्ज हो गया है। लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ विभाग सख्त अनुशासनात्मक और वित्तीय कार्रवाई करने की तैयारी में है।
यह आदेश डिस्कॉम के तहत आने वाले मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, बागपत, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे सभी क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सभी आउटसोर्स कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे अपनी नौकरी की सुरक्षा और विभागीय डेटाबेस में नाम पक्का करने के लिए अपने ITI/RPL प्रमाणपत्र और आवश्यक दस्तावेज तुरंत अपनी संबंधित एजेंसी को सौंपें और यह जरूर सुनिश्चित करें कि उनका विवरण समय पर पोर्टल पर दर्ज हो गया है। लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ विभाग सख्त अनुशासनात्मक और वित्तीय कार्रवाई करने की तैयारी में है।
सख्त कदम और इस पूरी व्यवस्था के पीछे के मुख्य कारण और प्रभाव निम्नलिखित हैं:
आदेश के मुख्य बिंदु और उद्देश्य paschimanchal vidyut vitran nigam limited
- पारदर्शिता और फर्जीवाड़े पर रोक: बिजली उपकेंद्रों पर तैनात वास्तविक कर्मचारियों की संख्या और पोर्टल पर दर्ज डेटा के बीच किसी भी विसंगति को दूर करना। कई बार बिना ड्यूटी के भुगतान या गलत डेटा की शिकायतें आती हैं, जिन्हें इस कदम से रोका जा सकेगा।
- समय पर वेतन का भुगतान: पोर्टल पर सभी कर्मचारियों (जैसे लाइनमैन और एसएसओ) का विवरण फीड होने से उनका मानदेय, ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) सीधे और पारदर्शी तरीके से जारी हो सकेगा।
- उत्तरदायित्व तय करना: यदि तय समय सीमा के भीतर डेटा अपलोड नहीं किया जाता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और वेंडर (सेवा प्रदाता) की होगी।
डिजिटल पोर्टल्स की भूमिका
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए विशेष सरकारी पोर्टल (जैसे यूपी में नवनिर्मित आउटसोर्स पोर्टल और एमपी में ROAMS पोर्टल) शुरू किए गए हैं। इन पोर्टल्स का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आउटसोर्स कर्मचारी का शोषण न हो और उनकी हाजिरी से लेकर वेतन तक का पूरा ब्योरा डिजिटल रूप में सुरक्षित रहे।







